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नशाबंदी कार्यक्रम

नशाबंदी कार्यक्रम

नशाबंदी कार्यक्रम राज्य सरकार की यह योजना ‘समाज रक्षा ‘ उद्देश्य के तहत चलाई जा रही है जिसका उद्देश्य है नशा पीडि़तों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करना तथा उनका उपचार करना।

नशाबंदी कार्यक्रम के तहत विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं की सहायता ली जाएगी और ‘नशा मुक्ति  केंद्र ‘ स्थापित करके जागरूकता लाने का प्रयास किया जाएगा । जो नशा पीड़ित  हैं  उन्हें उपचार उपलब्ध कराया जाएगा ताकि वे नशा मुक्त होकर स्वस्थ जीवन जी सकें ।

नशाबंदी-कार्यक्रम

नशाबंदी कार्यक्रम

 

मदिरापान एक सामाजिक बुराई है।किसी प्रकार के अधिकार, प्रवृत्ति, बल आदि मनोविकार की अधिकता, तीव्रता या प्रबलता के कारण उत्पन्न होने वाली अनियंत्रित या असंतुलित मानसिक अवस्था को नशा कहा जाता है। 

मदिरा पीने से आनंद का अनुभव होता है इसमें संदेह नहीं। परंतु मदिरा पीने के पश्चात मनुष्य में तर्क करने की शक्ति खत्म हो जाती है। वह अच्छे-बुरे और नैतिक-अनैतिक में फर्क नहीं कर पाता। उसका दिमाग शिथिल पड़ जाता है और वह विवेक शून्य हो जाता है।

शराब ,गांजा,भांग ,चरस ,ताड़ी , कोकीन, बीड़ी , तंबाकू,सिगरेट ,गुड़ाखू , ब्राउन शुगर , हेरोइन , स्मैक , नशीली दवाईयां आदि नशा के स्रोत जन सामान्य को शारीरिक ,मानसिक,आर्थिक क्षति पहुँचाते हैं।

नशा मुक्ति हेतु उचित प्रचार प्रसार करके स्वस्थ वातावरण निर्मित किया जाएगा ताकि लोग नशा मुक्त होने के लिए प्रेरित हों।

नशा पीड़ितों के उपचार हेतु 15 बिस्तरों का एकीकृत पुनर्वास केंद्र /नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना शासकीय चिकित्सालयों अथवा जिला मुख्यालयों में की जाएगी ।जहाँ नशा पीड़ित व्यक्ति 1 महीने के लिए रखा जाएगा और विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा चिकित्सा की जाएगी । आवश्यकता पड़ने पर मनोचिकित्सक की सहायता भी ली जाएगी ।

नशाबंदी हेतु नशा मुक्ति केन्द्रों में निम्नलिखित कार्यकलाप कराए जाएंगे ;

  • योग शिक्षक के मार्गदर्शन में उपयुक्त योगाभ्यास
  • पीड़ित की इच्छानुसार प्रार्थना ,पूजा पाठ के अवसर दिये जाएंगे
  • भौतिक चिकित्सा
  • कौशल उन्नयन प्रशिक्षण
  • विभिन्न खेल संबंधी गतिविधियाँ
  • मार्गदर्शक व्याख्यान

नशा मुक्ति केंद्र में दी जाने वाली सुविधाएँ :

  • निःशुल्क आवास
  • पौष्टिक आहार
  • निःशुल्क दवाइयाँ
  • महिला पुरुष पृथक आवास
  • स्वरोजगार हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम
  • बौद्धिक एवं शारीरिक विकास व्यवस्था
  • आवश्यकता अनुसार अन्य सुविधाएँ

शराब सामाजिक बुराई है, इसलिए शराबबंदी के लिए पहले जनजागरुकता जरूरी है,प्रत्येक ग्राम पंचायत में भारत माता वाहिनी का गठन किया जाएगा । भारत माता वाहिनी लोगों को नशा के खिलाफ जागरूक करने का काम करेगी। प्रत्येक ग्राम पंचायत और आश्रित गांवों में ऐसा माहौल तैयार किया जाएगा कि नशा करने वालों कि मन:स्थिति में बदलाव आए और वे नशा करने की लत छोड़ने विवश हो जाएं।

 

नशाबंदी कार्यक्रम

 नशाबंदी कार्यक्रम

साभार : https://sw.cg.gov.in/sites/default/files/circular-nashamukti.pdf

*सुरालयों की संख्या कम करके देसी भट्टियों को जड़-मूल से नष्ट करके सार्वजनिक रूप में शराब पीने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर दुरुपयोग को रोका जा सकता है इसे हतोत्साहित किया जा सकता है।*

अधिक जानकारी हेतु : https://sw.cg.gov.in/prohibition-program

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