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क्षितिज योजना

क्षितिज-अपार संभावनाएँ योजना 

 क्षितिज – अपार संभावनाएँ’  2016 में दिव्यांग छात्र छात्राओं के हितार्थ आरंभ किया गया है ताकि दिव्यांग छात्र सरकारी मदद से अपने पैरों पर खड़े हो सकें । निःशक्त व्यक्तियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने , उन्हें संबल प्रदान करने एवं उनके अधिकारों के संरक्षण हेतु यह योजना चलाई जा रही है । योजना से राज्य के निःशक्त विद्यार्थियों का समूह देश के अन्य राज्यों में भी अध्ययन करने हेतु छात्रगृह का लाभ ले सकेंगे। 

‘क्षितिज-अपार संभावनाएँ ‘ अंतर्गत विद्यार्थी निम्नलिखित लाभ ले सकेंगे

 

उच्च्च शिक्षा प्रोत्साहन 

दिव्यांग विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति, मिडिल और हायर सेकेण्डरी स्कूल में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले दिव्यांग छात्र-छात्राओं को तकनीकी एवं उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया है। 

हितग्राहियों की पात्रता :

  • छत्तीसगढ़ का मूलनिवासी 
  • निःशक्तता 40% या अधिक 
  • जिला अंतर्गत माध्यमिक/उच्चतर माध्यमिक परीक्षा में निःशक्त जनों की श्रेणी में सर्वाधिक अंक प्राप्त किया हो । 
  • आईटीआई/पोलिटेकनिक /स्नातक/एवं स्नातकोत्तर (कला,वाणिज्य,विज्ञान) में नियमित विद्यार्थी 
  • चिकित्सा /तकनीकी/व्यावसायिक शिक्षा में स्नातक एवं स्नातकोत्तर अध्ययनरत नियमित विद्यार्थी।

नोट :

माध्यमिक परीक्षा एवं उच्चतर माध्यमिक परीक्षा में सर्वाधिक अंक पाने वाले निःशक्त विद्यार्थी को पृथक से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी ।

उच्च शिक्षा प्रोत्साहन योजना से लाभ :

             दसवीं में सर्वाधिक अंक लाने वाले दिव्यांग छात्र-छात्रा को रू                       2000/- एकमुश्त 

             बारहवीं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले को रू 5000/- एकमुश्त 

             स्नातक, पीजी(कला,वाणिज्य,विज्ञान), पॉलिटेक्निक व                               आईटीआई  में सर्वाधिक अंक लाने वाले निहश्क्ता विद्यार्थी को  को               रू 6000/- एकमुश्त 

            तकनीकी, व्यवसायिक व मेडिकल परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त                    करने वाले को रु 12,000/- एकमुश्त  प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। 

 

 क्षितिज छात्रगृह योजना

“क्षितिज – अपार संभावनाएं “ योजना के अंतर्गत दिव्यांग विद्यार्थी के शहर या राज्य से बाहर पढ़ने के लिए जाने पर छात्रगृह योजना की सुविधा प्रदान की जाएगी इसके तहत 5 निःशक्त विद्यार्थियों के समूह को किराये के भवन में निःशुल्क आवास सुविधाएँ उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान किया जाना है|

  • आर्थिक अभाव एवं निःशक्तता के कारण मेधावी निःशक्त बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित हो जाते है,जिन्हें संबल प्रदान करने के लिए माध्मिक/उच्चतर माध्मिक विद्यालय में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले निःशक्त विद्द्यार्थियों एवं तकनीकी एवं उच्च शिक्षा में अध्यनरत नियमित निःशक्त छात्रों को प्रोत्साहन राशि प्रदाय किया जाना है।

पाँच विद्यार्थियों के समूह को किराए के भवन के लिए सहायता राशि दी जाएगी। इसमें पांच दिव्यांगों के समूह को रेंट कंट्रोल अथारिटी द्वारा निर्धारित दर पर

ए श्रेणी के शहर हेतु 10,000/- ,

बी श्रेणी के शहर हेतु 7,000/- एवं

सी श्रेणी के शहर हेतु 5,000/-

तक किराया राशि दिया जाएगा।

बोर्ड परीक्षाओं में जिले में टॉप करने पर भी छात्रवृत्ति / स्कॉलरशिप दिये जाने की पहल की गई है ।  

छात्रगृह योजना का लाभ लेने हेतु पात्रता

  • महाविद्यालय/ पोलिटेक्निक/ आई.टी.आई. के नियमित छात्र 5 विद्यार्थियों का समूह बनाकर पूर्ण बायोडाटा के साथ सादे काग़ज पर संयुक्त / उप संचालक समाज कल्याण जिला कार्यालय को आवेदन करेंगे|
  • उच्चतर माध्यमिक कक्षा उत्तीर्ण । 
  • आवेदन के साथ सभी पांचों छात्रों के नियमित छात्र के रूप में अध्ययन किये जाने सम्बन्धी प्रमाण पत्र संलग्न किए जाएँ । 
  • छात्रों को निवास प्रमाण पत्र एवं जिला मेडिकल बोर्ड द्वारा निःशक्तता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा|
  • महाविद्यालय से मूल निवास की दूरी 20 किलोमीटर या उससे अधिक होने की स्थिति सम्बन्धी प्रमाण पत्र ग्रामीण क्षेत्र के संदर्भ  में ग्राम पंचायत एवं शहरी क्षेत्र के संदर्भ में नगर निगम/ नगर पालिका/नगर पंचायत के सम्बंधित पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित प्रस्तुत करना होगा|

क्षितिज सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना

सिविल सेवा  से तात्पर्य है सभी सरकारी विभाग(सशस्त्र सेनाओं से संबन्धित विभागों को छोड़कर) के अधिकारी पद जो सरकारी कार्यक्रमों एवं योजनाओं का क्रियान्वयन करते हैं’।

                                इनका चयन योग्यता के आधार पर होता है। वे सरकारी नीतियों के माध्यम से लोगों की सेवा करते हैं। सिविल सर्विसेस में जाने के इच्छुक  निःशक्त मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु नकद राशि देने का प्रावधान क्षितिज योजना के अंतर्गत किया गया  है।

क्षितिज

क्षितिज

                            प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने पर दिव्यांग को 20 हजार रुपए एकमुश्त , मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 30 हजार रुपए एकमुश्त और एसएनजीएच लोक सेवा / राज्य लोक सेवा (सीजी पीएससी) में चयनित होने पर 50 हजार रुपए एकमुश्त राशि देने का प्रावधान है। इसके लिए संघ या छग लोकसेवा आयोग द्वारा जारी परिणाम के आधार पर अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे। 

पात्रता :

  • लाभार्थी 40% दिव्यांग हो
  • छत्तीसगढ़ का निवासी हो
  • संघ/छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग प्रतियोगी परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थी । 
  • किसी महाविद्यालय में अध्ययनरत हो 
  • छात्र के घर से शिक्षण संस्थान की दूरी 20 किलोमीटर या अधिक हो
  • एक के साथ चार अन्य विद्यार्थी भी समूह रूप में शामिल हों

प्रक्रिया :

  • संघ लोक सेवा आयोग/छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा प्रारम्भिक परिणाम घोषित होने के बाद आयोग द्वारा जारी परिणाम के आधार पर आवेदन करने पर सहायता राशि दी जाएगी । ऑनलाइन आवेदन www.sw.cg.gov.in पर उपलब्ध है ।
  • ऑफलाइन आवेदन हेतु संयुक्त /उप संचालक ,समाज कल्याण जिला कार्यालय में आवश्यक अभिलेख के साथ प्रस्तुत किया जा सकता है ।

* क्षितिज योजना का लाभ उठाने या किसी दिव्यांग को लाभ दिलाने की प्रक्रिया हेतु उपसंचालक समाज कल्याण में आवेदन किया जा सकता है*

साभार : https://www.naidunia.com/chhattisgarh/janjgir-champa-nahi-bhar-1841004

साभार : https://sw.cg.gov.in/horizon-immense-possibilities

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