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तृतीय लिंग समुदाय सशक्तिकरण योजना

तृतीय लिंग समुदाय सशक्तिकरण योजना

            माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा  15.04.2014 को एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया गया है, जिसमें उभयलिंगी/तृतीय लिंग समुदाय की दैनिक स्थिति को सुधारने, समाज में उचित स्थान दिलाने एवं शासकीय योजनाओं का लाभ पहुचाने के लिए केन्द्र/राज्य सरकार को निर्देश दिये गये हैं।

तृतीय लिंग समुदाय सशक्तिकरण योजना एक क्रांतिकारी योजना है । 

तृतीय लिंग समुदाय सशक्तिकरण योजना

तृतीय लिंग समुदाय सशक्तिकरण योजना

छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने राज्य के तृतीय लिंग समुदाय के कल्याण और उन्हें मुख्य धारा में जोड़ने के लिये पॉलिसी बनाई है।

राज्य शासन द्वारा तृतीय लिंग वर्ग के व्यक्तियों के पुनर्वास एवं अधिकारों के संरक्षण हेतु अंतर्विभागीय समन्वय कर विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्रदान करने के लिए तृतीय लिंग कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है ।यह बोर्ड  तृतीय लिंग वर्ग की सामाजिक सुरक्षा एवं आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आवास,शिक्षा, रोजगार ,स्वास्थ्य एवं आय वृद्धि के लिए कार्य करेगा।बोर्ड एक एजेंसी के रूप में योजनाओं के निर्माण और कार्यान्वयन हेतु कार्य करेगा । 

  • उच्चतम न्यायालय के दिशा निर्देश अनुसार तृतीय वर्ग लिंग के व्यक्तियों को उनकी स्वेच्छानुरूप लिंग निर्धारण का सम्मान करते हुए उनका परिचय पत्र जारी करने का आदेश दिया गया है ।
  • सामाजिक एवं शैक्षणिक स्तर पर ‘तृतीय वर्ग’ को पिछड़ा घोषित करते हुए उच्चतम न्यायालय ने राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार को ‘ तृतीय वर्ग के लिए शैक्षणिक संस्थाओं एवं लोक सेवा नियुक्तियों में आरक्षण का प्रावधान लाने हेतु प्रोत्साहित किया है।
  • केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारें ‘तृतीय वर्ग ‘ के यौन स्वास्थ्य की समस्याओं को देखते हुए पृथक HIV Sero-surveillance Centres का संचालन करेंगी

TGs /TRANSGENDER/हिजड़ा समुदाय की समस्याओं जैसे : भय,शर्म,gender dysphoria (वह स्थिति है जिसमे व्यक्ति को यह महसूस होता है कि उसका प्राकृतिक लिंग उसके लैंगिक पहचान से मेल नहीं खाता। बच्चे के शरीर की बनावट के आधार पर जन्म के समय प्राकृतिक लिंग नियुक्त होता है। लैंगिक पहचान वह है जैसा एक व्यक्ति अपने को “पहचानता” है या स्वयं को महसूस करता है।),सामाजिक दबाव,अवसाद,आत्म हत्या की मानसिक प्रवृत्ति,सामाजिक कलंक की अवधारणा … जैसी समस्याओं के निवारण हेतु राज्य सरकारें एवं केंद्र सरकार कार्य करेंगी ।

  • केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारें तृतीय समुदाय के लोगों को अस्पतालों में समुचित स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान करने की व्यवस्था करेंगी । 
  • केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारें तृतीय समुदाय के लिए समाज कल्याण की विभिन्न योजनाओं पर कार्य करेंगी । 
  • तृतीय समुदाय के लिए पृथक सुलभ शौचालय औरस्था हेतु केंद्र प्रसाधनों की व्यव सरकार एवं राज्य सरकारें ध्यान देंगी । 
  • केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारें लोगों में जागरूकता लाने हेतु कार्य करेंगी ताकि जन सामान्य तृतीय वर्ग को समाज के अभिन्न अंग के रूप में स्वीकार कर सके और TGs को भी अस्पृश्यता या अलगाव का एहसास न हो । 
  • केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारें ,समाज में तृतीय समुदाय के सम्मान हेतु कदम उठाएँ ताकि वे सामाजिक सांस्कृतिक जीवन से खुद को जुड़ा हुआ अनुभव करें और आनंद उठा  पाएँ । 

तृतीय लिंग समुदाय के व्यक्तियों को सरकार द्वारा चलाई जा रही निम्नलिखित योजनाओं में विशेष लाभ का प्रावधान है ;

  • MGNREGA
  • NRLM (National Rural Livelihoods Mission ) – आजीविका
  • NSAP (National Social Assistance Programme )
  • NULM (National Urban Livelihood Mission )
  • Healthcare Facilities
  • RSBY (Rashtriya Swaasthya Bima Yojana )
  • NHM (National Health Mission )
  • National Policy on Skill Development ,2009
  • Indira Awas Yojana

18 सितंबर, 2021 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में तृतीय लिंग समुदाय के 13 नव-नियुक्त पुलिस आरक्षकों को सम्मानित किया और उन्हें बधाई व शुभकामनाएँ दीं।

तृतीय लिंग समुदाय सशक्तिकरण योजना

                                                              तृतीय लिंग समुदाय सशक्तिकरण योजना

  • राज्य सरकार ने तृतीय लिंग समुदाय के डाटा संधारण के लिये ऑनलाइन सॉफ्टवेयर तैयार किया है। सर्वेक्षण में 2 हज़ार 919 तृतीय लिंग के व्यक्ति चिह्नांकित किये गए हैं, जिनमें से 1,025 व्यक्तियों को पहचान-पत्र जारी किया गया है, जो राशन कार्ड, पासपोर्ट, आधार कार्ड इत्यादि के लिये मान्य है।

साभार : https://sw.cg.gov.in/sites/default/files/tgsfinalscan.pdf

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