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वरिष्ठ नागरिक सहायता योजना

वरिष्ठ नागरिक सहायता योजना

                                                      समाज के वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक जीवन यापन का अवसर प्रदान करने हेतु छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिक सहायता योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है ।

समय के साथ आधुनिक जीवनशैली में उपेक्षित वरिष्ठजनों की संख्या बढ़ रही है। वे उपेक्षा के शिकार हो रहे हैं ।

ऐसे में उनकी सम्पत्ति की सुरक्षा, परिजन से समुचित भरण-पोषण तथा समाज में सम्मानजनक जीवन दिलाने के संबंध में समय-समय पर कानून बनाए गए हैं। प्रशासन द्वारा भी नित नई योजनाएं शुरू की गई हैं।

कानूनी सहायता के रूप में धारा 125 बनाया गया है, जिसके तहत कोई भी वृद्ध पुरुष-महिला अपने बेटा-बेटी या अपनी संपत्ति के उत्तराधिकारी से भरण-पोषण की मांग कर सकते हैं। 

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण या NALSA(National Legal Services Authority)

इसका कार्य विधिक अधिकार अथवा शासन की योजनाओं से वंचित वरिष्ठ नागरिकों को उनका अधिकार दिलाना है। इसका महत्वपूर्ण कार्य कानूनी सहायता कार्यक्रम लागू करना और उसका मूल्यांकन एवं निगरानी करना है। साथ ही, इस अधिनियम के अन्तर्गत कानूनी सेवाएँ उपलब्ध कराना भी इस प्राधिकरण का काम है।ऐसे वरिष्ठ नागरिक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में अथवा उनके क्षेत्र में उपलब्ध पैरालीगल वालेंटियर को जानकारी दे सकते हैं कि उन्हें किस प्रकार की सहायता चाहिए।

प्रत्येक राज्य में एक राज्य कानूनी सहायता प्राधिकरण का गठन किया गया है उसी तरह प्रत्येक उच्च न्यायालय में एक उच्च न्यायालय कानूनी सेवा समिति गठित की गई है। 

 हर जिले में एक जिला कानूनी सहायता प्राधिकरण और हर तालुका  में तालुका कानूनी सेवा समिति गठित की गई है । इनका काम NALSA की नीतियों और निर्देशों को कार्य रूप देना और सुपात्र लोगों को नि:शुल्क कानूनी सेवा प्रदान करना है । विवादों के निपटारे के लिए लोक अदालतें चलाना भी NALSA का कार्य है। राज्य कानूनी सहायता प्राधिकरणों की अध्यक्षता संबंधित जिले के मुख्य न्यायाधीश और तालुका कानूनी सेवा समितियों की अध्यक्षता तालुका स्तर के न्यायिक अधिकारी करते हैं।

असहाय बुजुर्ग रखते हैं भरण पोषण का अधिकार

  • वर्तमान में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण अधिनियम 2007 भरण-पोषण का अधिकार दिलाने बनाया गया कानून हैं, जिसके तहत कोई भी वृद्ध पुरुष अथवा महिला जो अपना जीवन यापन नहीं कर सकते, अपने बेटा-बेटी या परिजन से जो बाद में उनकी सम्पत्ति के उत्तराधिकारी हो, भरण-पोषण राशि पाने का अधिकार रखते हैं। जिला स्तर पर एसडीएम कार्यालय इस अधिकरण का कार्य करती है और अपर कलेक्टर इसके अपीलीय अधिकारी होते हैं। 90 दिवस के भीतर ऐसे आवेदनों का निराकरण किया जाता है।

वरिष्ठ नागरिक सहायता योजना के अंतर्गत वृद्धाश्रमों का संचालन भी एक कदम  है जहाँ वृद्धजनों को मूलभूत आवश्यकताओं के साथ साथ सुरक्षित  वातावरण प्रदान किया जाता है ।

60 वर्ष या अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक जो छत्तीसगढ़ के मूल निवासी हों उन्हें वरिष्ठ नागरिक सहायता योजना से लाभान्वित किया जा सकता है ।

वरिष्ठ नागरिक सहायता योजना

 वरिष्ठ नागरिक सहायता योजना

वरिष्ठ नागरिक सहायता योजना के अंतर्गत वृद्धाश्रमों में निम्नलिखित सुविधाएँ प्रदान की जातीं हैं :

  • निःशुल्क आवास , भोजन , वस्त्र ,चिकित्सा,दैनिक आवश्यकता की वस्तुएँ (साबुन,तेल इत्यादि )
  • बैठने / रहने की पर्याप्त व्यवस्था
  • आरामदायक फर्नीचर की व्यवस्था
  • पर्याप्त रोशनी , शीतल जल आदि की व्यवस्था
  • शौचालय की समुचित साफ सुथरी व्यवस्था
  • आहार की पौष्टिकता का पर्याप्त गुणवत्ता पूर्ण प्रबंध
  • वरिष्ठ नागरिकों का प्रत्येक सप्ताह स्वास्थ्य परीक्षण
  • समुचित प्राथमिक उपचार , स्वास्थ्य सेवा एवं व्यवस्था
  • केंद्र में सैटेलाइट चैनल के साथ टेलीविज़न ,पत्र पत्रिकाएँ ,समाचार पत्र ,इंडोर खेल सामग्री आदि की व्यवस्था
  • महिलाओं के लिए पृथक एवं उचित व्यवस्था
  • सामर्थ्य विकास योजना  के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों को मोबिलिटी ऐड तथा श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया जा सकेगा इसके लिए संस्था को  जिला संयुक्त/उप-संचालक ,पंचायत एवं समाज कल्याण से संपर्क करना होगा । 
  • शैक्षणिक गतिविधियाँ एवं मनोरंजन इत्यादि की समुचित व्यवस्था 

प्रवेश हेतु चयन प्रक्रिया :

कलेक्टर अथवा संबन्धित जिले के संयुक्त/उप-संचालक , पंचाय एवं समाज कल्याण विभाग की अनुशंसा से हितग्राही को प्रवेश दिया जाएगा । हितग्राही का पूर्ण विवरण रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा । 

वरिष्ठ नागरिक सहायता योजना

वरिष्ठ नागरिक सहायता योजना

विशेष बिंदु :

वृद्धाश्रम निवासी के मृत्यु पर यदि मृतक के परिवार का कोई सदस्य 24 घंटे के भीतर उपस्थित नहीं होता तो मृतक के धर्मानुसार अन्त्येष्टि की जाएगी । 

*** संस्था के संबंध में कोई शिकायत होने पर ” अपील अधिकरण ”

(माता पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण पोषण तथा कल्याण अधिनियम 2007 के अधीन गठित )में आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है ***

साभार :

https://sw.cg.gov.in/sites/default/files/oahs.pdf

 

अधिक जानकारी के लिए पढ़ें https://sw.cg.gov.in//management-harbourage

 

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