Skip to content

सामर्थ्य विकास योजना

सामर्थ्य विकास योजना

छत्तीसगढ़ सरकार की सामर्थ्य विकास योजना शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के लिए कृत्रिम अंग उपलब्ध करवाने हेतु कार्य करती है ताकि वे अपना जीवन सरल बना सकें । सामर्थ्य विकास योजना निःशक्त जनों के लिए वरदान की तरह है जिससे उन्हें अपनी गतिशीलता बढ़ाने में मदद मिलेगी । 

निःशक्त जन प्रदेश का अहम पहलू होते हैं ,जिनके लिए सरकार सहयोगी योजनाएँ लाती रहती हैं किंतु इन योजनाओं के ज्ञान के अभाव में निःशक्त जन समस्या भरा जीवन ही गुज़ार रहे होते हैं , यदि प्रदेश में गतिशील योजनाओं का वे समुचित लाभ ले सकें तो इसमें संदेह नहीं कि वे सरल जीवन जी सकेंगे । 

निःशक्त जन कहते किन्हें हैं ;

समाज शास्त्रीय  दृष्टि से निःशक्तजन वह  सामाजिक श्रेणी हैं जिनमें विभिन्न कारणों से कोई न कोई  शारीरिक कमी उपस्थित हो जाती है जो उनके सामान्य जन जीवन को प्रभावित करती हैं । जिससे उनकी सामाजिक भूमिका में संरचनात्मक एवं प्रक्रियामूलक भेद स्थापित हो जाते हैं । 

व्यक्ति में उम्र ,लिंग,सामाजिक,सांस्कृतिक कारकों में क्षति एवं अक्षमता के कारण जो नुकसान या पिछड़ापन हो जाता है उसे निःशक्तता कहते हैं । जिसके कारण व्यक्ति सामाजिक जीवन में उत्पादक जीवन जीने में संघर्ष करता है। 

सामर्थ्य विकास योजन

                    सामर्थ्य विकास योजना

सामर्थ्य विकास योजना हेतु आवेदक की पात्रता :

  • निःशक्तता 40 प्रतिशत या अधिक हो । 
  • आवेदक छत्तीसगढ़ का मूल निवासी हो ।  
  • माता पिता या अभिभावक की आय रू 8000 प्रति माह से कम हो । 
  • दिव्यांगजन दिव्यांगता प्रमाण पत्र /UDID कार्ड धारक हो । 
  • BPL परिवार का सदस्य हो अथवा कलेक्टर /अनुविभागीय अधिकारी(राजस्व) की अनुश्न्सा प्राप्त हो 

सामर्थ्य विकास योजना से लाभ :

अधिकतम रू 6900/- तक की राशि के कृत्रिम अंग या उपकरण प्रदान किए जाते हैं । जिनकी आय 5001 रूपये से 8000 रूपये से मध्य है उन्हें संसाधन की 50 प्रतिशत राशि जमा करने पर संसाधन प्रदान किये जाते हैं।योजनान्तर्गत निःशक्त व्यक्तियों को ट्रायसायकिल, बैशाखी, श्रवण यंत्र, ब्रेल, किट, व्हील चेयर, टेप रिकार्डर, केलीपर्स श्वेत छड़ी तथा अन्य कृत्रिम अंग प्रदान किये जाते है

आवश्यक दस्तावेज़ :

सामर्थ्य विकास योजना

             सामर्थ्य विकास योजना

 

प्रक्रिया :

समाज कल्याण विभाग की आधिकारिक वैबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा । अथवा निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र के साथ सभी प्रमाण पत्रों को संलग्न कर संयुक्त संचालक/उप संचालक जिला कार्यालय,पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग के पास प्रस्तुत करना होगा । 

रजिस्ट्रेशन उपरांत निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र तैयार कर उपरोक्त प्रमाण पत्रों के साथ संयुक्त संचालक / उप-संचालक जिला कार्यालय ,पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग में जमा करना होगा । 

निःशक्तजन अपने शारीरिक असमर्थता के कारण कई क्षेत्रों में स्वयं को अपवाद की तरह समझते हैं और अपना मनोबल गिरा लेते हैं । जो व्यक्ति

सहायक उपकरण के लिए आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं उनके लिए सरकार की यह योजना बहुत लाभप्रद है । कृपया यह सूचना उन निःशक्त जनों तक पहुंचाने का प्रयास करें जिन्हें इस योजना की जानकारी नहीं है । 

समर्थ नागरिक ही देश और समाज के साथ साथ अपने जीवन के लिए भी आवश्यक होता है । निःशक्त जनों की व्यक्तिगत समस्याएँ काफ़ी होतीं हैं । 

यदि सरकार उनके लिए कुछ बेहतर स्थिति का निर्माण कर सकती है तो सामान्य जनों का भी नैतिक कर्तव्य है कि वे इन योजनाओं के प्रचार प्रसार में मौखिक और कार्यरूप में सहयोग अवश्य ही करें । 

किसी निःशक्त जन के चेहरे की मुस्कान मानवता के लिए भी आवश्यक है । 

अधिक जानकारी हेतु निम्नलिखित लिंक का प्रयोग करें 

कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदाय योजना इसी क्रम की योजना है जिसका उद्देश्य निःशक्त जनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराना है ।  

https://sw.cg.gov.in/

https://sw.cg.gov.in/potency-development-plan

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.